Home Hindi जानिए कहानी उस बूढी माँ की, पढ़कर रो देंगे आप भी.

जानिए कहानी उस बूढी माँ की, पढ़कर रो देंगे आप भी.

|| इस कहानी को पढकर कई रो देंगे !! ||

दोस्तों आज हम आपको ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं जिसे पढकर शायद आप की आँखे नम हो जाये तो आइये हम आपको बताते हैं ! ये कहानी है एक बूढ़ी माँ की जिसकी उम्र लगभग 70 साल है उस बुढ़िया माँ की तबियत अचानक ख़राब हो जाती है और वो डाक्टर से दिखाने के लिए हॉस्पिटल जाती है डाक्टर साहब आते हैं और उस बूढी माँ को देखने के बाद कहते हैं  माता जी आप अपनी सेहत का ख्याल क्यों नहीं रखती हैं  आपकी तबियत ख़राब होने के कारण आपका वजन काफी कम हो गया है आप खाने में जूस, सलाद , दूध , फल , घी , मेवा और हेल्थी फ़ूड लिजिये नहीं तो आपकी तबियत दिनों दिन बिगड़ती चली जायेगी, बूढी माँ भारी मन से उस डॉक्टर की बातें सुनी और बाहर निकल गई और मन में सोचने लगी की इतनी महंगाई में यह सब कहाँ से आयेगा…? वैसे भी पिछले पचास सालों में कौन  फ्रूट, घी , मेवा घर में लाया है….? थोड़े बहुत ही मामूली पेंसन से पैसे मिलते हैं उससे घर के जरुरी सामान मुश्किल से आ पाते हैं, और फल, जूस, हरी सब्जी, ये सब पति ने कभी ला कर नहीं दिये, और कभी खुद भी ये सब खरीदने की हिम्मत नहीं कर सकी क्योंकि कि जब भी मन करता है कुछ खाने का तो खाली पर्स हमेशा मुंह चिढाने लगता है….

और इतने महंगे शहर में छोटी सी नौकरी से जिंदगी की मारामारी में, सारी जमा पूंजी, पति का PF , घर की सारी अमानत, संपदा, गहने जेवर सब एक बेटे और दो बेटियों की परवरिश और पढाई-लिखाई शादी में सब कुछ खत्म हो गया..

बेटा दिल्ली में रह कर एक बहुत बड़ी कंपनी में मैनेजर के पोस्ट पर काम करता है और मोटी तनख्वाह भी उठा रहा है पर वो  बेटा भी तो खर्चे के नाम पर सिर्फ पांच सौ रुपये देता है… वो भी महिने में एक बार,  बेटियों से अपने सारे दुःख माँ ने सदा छुपाये…उन्हें कभी अपने गम के बारे में नहीं बताया.सोचा आखिर ससुराल वाले क्या सोचेंगे..?

अब बेटे के भेजे इन पांच सौं रुपये में बूढ़े माँ बाप खाना खाए या तन ढके या मन की करें ?

माँ ने सोचा चलो क्यों ना एक बार बेटे को डॉक्टर की रिपोर्ट के बारे में बता दी जाए शायद बेटा कुछ करे यह सोच कर माँ ने बेटे को फ़ोन किया,

फ़ोन पर माँ बोली – बेटा डॉक्टर ने बताया है की विटामिन और  खून की कमी से कमजोरी हो गयी है और जिसके कारण चक्कर आये थे….इस लिए खाने में सलाद, जूस, फ्रूट, दूध , फल , घी , मेवा लेना शुरू करो,

बेटे ने कहा – अरे “माँ आप को जो खाना है खाओ , डॉक्टर की बातों पर ध्यान मत दो ….

माँ ने कहा – बेटा,  अगर थोड़े पैसे भेज देता तो अच्छा होता ….. !!

बेटा – ” माँ इस महीने में मेरा खर्चा बहुत हो रहा है, कल ही आप की पोती को मैंने फिटनेस जिम ज्वाईन कराया है, आपको तो मालूम ही है की, वो कितनी मोटी हो रही है, इसी लिए जिम ज्वाईन कराया है…….उसके महीने के सात हजार रुपये लगेंगे……..जिसमें उसका वजन, हर माह  चार किलो कम कराया जाएगा….. और कम से कम इसमें पांच महीने तो उसे भेजना ही होगा…….पैंतीस हजार का ये खर्चा बैठे बिठाये आ गया….अब जरुरी भी तो है ये खर्चा…!!
आखिर दो तीन साल के बाद  उसकी शादी भी तो करनी है और आज कल मोटी लड़कियां, कोई पसंद नहीं करता…..!! ”

माँ ने कहा – ” हाँ बेटा ये तो जरुरी था…..कोई बात नहीं वैसे भी डॉक्टर लोग कुछ भी कहते रहते हैं…..चक्कर तो गर्मी के कारण से आ गये होंगे, नहीं तो  इतने सालों में तो कभी ऐसा नहीं हुआ…..खाना तो हमेशा से यही खा रही हूँ मैं…!!!”
बेटा बोला – “हाँ माँ…..अच्छा माँ अभी मैं फोन रखता हूँ ….बेटी के लिए डाइट चार्ट लेने जाना है और कुछ जूस, फ्रूट और डायट फ़ूड भी … पर आप अपना ख्याल रखना !!”

फोन कट जाता है….
माँ एक ग्लास पानी पीती है …
और साड़ी पर फॉल लगाने में लग जाती है ….
एक साड़ी के फॉल लगाने के माँ को पन्द्रह रुपये मिलेंगे….इन रुपयों से माँ आज गणेश पूजा के लिए बाजार से लड्डू खरीदेंगी….आज गणेश चतुर्थी जो है !!

माँ के पास आज तीन आर्डर है साड़ी में फॉल लगाने के लिए …माँ ने मन ही मन श्री गणेश का शुक्रिया अदा किया क्योंकि  आज वो इन पैसों से आधा किलो लड्डू तो जरुर खरीद ही लेंगी गणेश जी की पूजा के लिए…और मन ही मन अपने बेटे की सुख और समृद्ध जिंदगी के लिए प्रभु श्री गणेश से प्रार्थना भी करेगी!

दोस्तों ऐसी होती है माँ जिसके दर्द को हम में से कई लोगों ने शायद जानने की कोशिश भी नहीं की!